कबीरवाणी

गुरु कुम्हार शिष कुंभ है, गढ़ि गढ़ि काढ़ै खोट

शिक्षा-प्रणाली में विद्यार्थी को केन्द्र में रखने की आवश्यकता को महत्वपूर्ण ढंग से रेखांकित करने के बावजूद रवीन्द्रना…

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कबीर और "गुरु"

कबीर सन्त कवि और समाज सुधारक थे। कबीर सधुक्कड़ी भाषा में किसी भी सम्प्रदाय और रूढ़ियों की परवाह किये बिना खरी बात …

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