स्वामी रामतीर्थ गुलाम जंज़ीरें , जंज़ीरें ही हैं , चाहे वे लोहे की हों या सोने की , वे समान रूप से तुम्हें गुलाम बनाती हैं। स… प्रवीण त्रिवेदी Friday, October 31, 2008 Read Now