ख्वाहिश

एक टुकड़ा धूप की ख्वाहिश ???

उफ़ !! यह हाड़ कपाने वाली ठण्ड!! मन करता है कि केवल रजाई में दुबके पड़े रहे । बाहर हाथ भी न निकलना पड़े तो क…

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