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ऑनलाइन अन्तर्जनपदीय ट्रांसफर प्रणाली पर मदद हेतु ट्यूटोरियल : बेसिक शिक्षा परिषद स्पेशल

11.12.11
सबसे पहले इस पोस्ट को लिखने का उद्देश्य बताना आवश्यक है कि इस पोस्ट का लक्ष्य कौन सा पाठक वर्ग है........... बहुत से मित्रों को यह प्रतीत हो सकता है कि आखिर किन पाठकों को लक्ष्यित करके यह पोस्ट लिखी गयी होगी। मित्रों हम सब जानते हैं कि किस प्रकार एक शिक्षक आज की दुनिया में स्वयं को अपडेट रखकर ही आगे बढ़ सकता है

दरअसल पिछले सात-आठ  वर्षों और विशेषकर पिछले तीन-चार वर्षों में हमारे विभाग बेसिक शिक्षा विभाग में (जिसमे मैं भी कार्यरत हूँ) लाखों शिक्षकों की भर्ती की गयी है जिसमे अक्सर हुआ यह कि जनपदीय कैडर होने के बावजूद लाखों शिक्षक साथी अपने परिवार से दूर अन्यत्र अपने विभागीय और अध्यापन दायित्व निभा रहे हैं
। कई वर्षों के बाद उनकी अन्तर्जनपदीय स्थानांतरण की मांग अब सरकार द्वारा पूरी किये जाने की संभावना बन पा रही है। आप सब वाकिफ होंगे नहीं तो कुछ ख़बरें यहाँ , यहाँ और बहुत जगह देख और पढ़ सकते हैं

इसके पूर्व वर्षों में फाइलों में हजारों आवेदन यहाँ से वहाँ सरकारी मशीनरी में इधर उधर चक्कर खा रहे थे
। सरकार को पता नहीं क्या सूझी कि एक झटके में सारे पूर्व आवेदनों को निरस्त करके ऑनलाइन आवेदन स्थानान्तरण प्रक्रिया प्रस्तुत की है। इस व्यवस्था में तकनीकी के इस्तेमाल से मुझे प्रसन्नता है कि बाबूगीरी और अफसरशाही से शायद हम शिक्षक साथियों को निजात मिल सके?  खैर आगे क्या होगा यह कहना जल्दबाजी  होगी.........क्योंकि कुछ चुनिन्दा भाग्यवान साथी ही रहे होंगे जिन्होंने बिना चढावा चढाए अपना आवेदन पूर्व में भेजा रहा हो? उनके अलावा जिन साथियों ने चढावा चढाया होगा तो वह तो सब गया पानी में!

हाँ हिन्दी ब्लॉग जगत के साथियों को यह बताना जरूरी होगा कि पहली बार इसी स्थानांतरण की प्रक्रिया में हमारे मास्टर साथियों और बहन जी लोगों का सामना यूनिकोड और हिन्दी कम्प्यूटिंग से हो रहा है ....मैं चाहूँगा कि अगर कोई दिक्कत अपने साथियों की चाहकर भी मैं करने में असमर्थ रहूँ तो आप सब मेरी मदद करने में तत्पर रहे.....जैसा कि पहले भी आप सब करते ही रहे हैं
अनाड़ी ढंग से मदद के लिए ई-पण्डित जी को आभार।

इस पोस्ट से सबसे अधिक लाभ उन  सभी साथीगण जो उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत कार्यरत हैं और अपना या अपने किसी सहकर्मी अथवा वह सभी मित्रगण जो अपने किसी रिश्तेदार को इस विषय में मदद करना चाहते हैं मिल सकता है। हमारे द्वारा फेसबुक पर संचालित शिक्षक समूह के साथीगण भी इस पोस्ट के माध्यम से अपना कार्य आसान कर सकते हैं। फेसबुक पर ही हमारे प्राइमरी का मास्टर पेज के माध्यम से जुड़े हुए साथी भी इस पोस्ट के माध्यम से लाभान्वित हो सकेंगे ऐसी आशा है

ऑनलाइन स्थानांतरण के लिए सबसे पहले आप इस साइट ( http://164.100.180.88/teacherstransfer ) पर क्लिक करके जाएँ जिसे केवल इसी उद्देश्य के लिए ही एनआईसी द्वारा  बनाया गया है। वहाँ आपको बहुत सारे निर्देश इस रूप में दिए गए होंगे
महत्वपूर्ण निर्देश (यहाँ पीडीएफ फ़ाइल डाउनलोड होती है, जिसकी मदद से आप फॉर्म भर सकते हैं)
यूनिकोड सॉफ्टवेर डाउनलोड करे (इस जिप फ़ाइल में सोफ्टवेयर को डाउनलोड  कर और फिर अपने 
कंप्यूटर  पर उपलब्ध ऑपरेटिंग सिस्टम जैसे एक्सपी/विंडोज7 आदि  के हिसाब से यह सोफ्टवेयर इंस्टाल करके
अपनी जरुरत का हिन्दी की बोर्ड प्रयोग कर सकते हैं।)
स्थानान्तरण हेतु आवेदन पत्र (यहाँ जाकर आप ऑनलाइन अपना आवेदन भर सकते हैं)
आवेदन पत्र की स्थिति
(यहाँ जाकर फॉर्म भरने के बाद आप कभी भी अपने फॉर्म की स्थिति जान सकते हैं, और बाद में कोई सुधार
यदि जरूरी है तो कर सकते हैं)
आवेदन पत्रों का सत्यापन
(यहाँ से लोगिन करके आपके जनपदीय अधिकारी आपके ऑनलाइन आवेदनों का सत्यापन करेंगे)
जनपद वार आवेदन पत्रों की स्थिति (यहाँ से लोगिन करके उच्च विभागीय अधिकारी आपके 
 ऑनलाइन आवेदनों की संख्या का आंकलन करेंगे)
आवेदन पत्र डाउनलोड करे(यहाँ से आप अपने आवेदन को प्रिंट करके अपने लिए सुरक्षित करेंगे 
और एक प्रति को स्थानीय जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेज सकेंगे)



अभी तक जो फीडबैक मिला है उसके हिसाब से कुछ बातें हर हाल में ध्यान में रखना है कि सारे प्रकरण में आपको
  • केवल हिन्दी में ही पूरा कार्य करना है वह भी यूनिकोडेड हिन्दी में
  • अंकों को केवल अरैबिक अक्षरों में ही लिखना है जैसे: 1, 2, 3, 4, 5 ... आदि
  • आवेदन पत्र भरने के लिये गूगल क्रोम या मोजिला इन्टरनेट ब्राउज़र (इन्टरनेट घूमने का औजार) का ही प्रयोग होगा। जिसे आप इन लिंकों पर क्लिक करके डाउनलोड कर अपने कम्प्यूटर्स में स्थापित कर सकते हैं
  • अपने  कंप्यूटर के ब्राउजर को UTF-8 पर सेट कर लें। इसके लिए इन ब्राउजर के मीनू बार (सबसे ऊपर दिख रही नीली पट्टी के नीचे  लिखे  File  Edit   View आदि)  में जाकर  View को क्लिक करके पेज इनकोडिंग या कैरेक्टर इनकोडिंग को UTF-8 पर चुन लें

ध्यान दीजियेगा कि अब तक सारे ऊपर लिखे तरीकों को आजमाने के बाद अब फॉर्म भरने का समय आ गया है ...पर उससे पहले अपने बारे में सभी जानकारी इकठ्ठा करके रख लें जैसे:- आपके स्वयं की प्रमाणित फोटो प्रति,  आपकी प्रथम  नियुक्ति, उसका आदेश क्रमांक,  आपका वेतन क्रम. मूलवेतन, मंहगाई भत्ता, अन्य भत्ते ...और उनका योग आदि

हाँ यूनिकोड हिन्दी के बारे में कोई टेंशन लेने की जरुरत नहीं है ....यदि आपके कंप्यूटर में कोई भी इन्टरनेट के सहारे हिन्दी लिखने का जुगाड हो तो आप उसका प्रयोग कर सकते हैं ......चाहे तो आप गूगल ट्रांसलिटरेट www.google.com/transliterate पर जाकर कट-पेस्ट करके भी हिन्दी वहाँ लिख कर आवेदन पर चिपका सकते हैं। क्योंकि जितना ताम झाम आप इस सोफ्टवेयर को इंस्टाल करके समझने में करेंगे उतने में आप गूगल ट्रांसलिटरेट में लिख कट पेस्ट कर लेंगे


आइये  अब फॉर्म भरने का श्री गणेश करते हैं !
स्टेप-1

स्टेप-2
स्टेप-3
““स्थानान्तरण हेतु आवेदन पत्र””  ( http://164.100.180.88/teacherstransfer/Default.aspx ) पर क्लिक करें। इसके  पश्चात “नया यूजर” बनाये  पर क्लिक करें । इसके  उपरान्त अपना वर्तमान नियुक्ति जनपद चुने  तथा सदंर्भ के लिए अपने किसी पहचान पत्र का  विकल्प ( बैक एकाउंट, वोटर आईडी कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, राशन कार्ड, पैन कार्ड  में से कोई एक ) चुने  एव  विकल्प का आई डी0 ( ध्यान दे कि पूर्व में यह साईट एल्फाबेट के बजाय केवल न्युमेरल्स अंक ही स्वीकार करती थी .....अब सुधार के बाद एल्फाबेट अक्षर और नंबर दोनों डाले जा सकते हैं! ) नम्बर डालें।  इससे  एक यूजर कोड  स्वतः जनरेट होकर आपके स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा। इस यूजर कोड को कहीं लिख लें और सुरक्षित कर लें यही इस ऑनलाइन ट्रांसफर के आपके आवेदन की चाभी है। इसी कोड के आधार पर आप ऑनलाइन आवदेन भर सकगें । यह प्रक्रिया केवल एक बार की जानी है ... इसके  पश्चात होम बटन ( http://164.100.180.88/teacherstransfer/Default.aspx ) पर क्लिक करें।
स्टेप-4 (अपडेट : अब साईट से यूजर कोड कैपिटल लेटर में ही दिया जा रहा है )


उपर्युक्त प्रक्रिया के बाद आवेदन भरने के लिये लॉगिन हेतु वर्तमान नियुक्ति जनपद, सदंर्भ के लिये विकल्प (आपके पहचान पत्र ) चुने  तथा आई0 डी0 नम्बर (जो पहले डाला हो ) एव उक्त स्वतः जनरेटेड  कोड (यूजर कोड ) भरें और लॉगिन बटन पर क्लिक करें।
स्टेप-5


स्टेप-6


स्टेप-7
लॉगिन के पश्चात् स्थानांतरण हेतु आवेदन पत्र स्क्रीन पर खुल जायेगा। आवेदन पत्र के  समस्त कॉलम की एंट्री  अपने  रिकार्ड के  अनुसार भरें और भरने के  पश्चात् सेव बटन पर क्लिक कर, जैसे  ही सेव बटन क्लिक करेगे  स्क्रीन पर स्वतः जनरेटेड एक आवेदन संख्या  प्रदर्शित होगी । कृपया इस आवदेन संख्या  का नंबर नोट कर लें, इसके पश्चात् अपनी फोटो  अपलोड करें  (फोटो  का साइज 50 KB से  अधिक नहीं  होना  चाहिए एवं जेपीईजी (JPEG), पीएनजी (PNG ) फारमेट ही अपलोड होंगे)। 

स्टेप-8
स्टेप-9


यदि आपके  द्वारा पूर्व  में भरे  गए आवेदन पत्र में  प्रविष्टि एंट्री को संशोधित  करना है तो  पहले लॉगिन करें  तत्पश्चात मोडीफाई पर क्लिक करें  एवं  अपनी आवदेन संख्या  टाइप करें  और सबमिट बटन पर क्लिक करें । आपके  द्वारा पूर्व में  प्रविष्ट की गयी सभी एंट्री  प्रदर्शित हो  जायगी  जिस प्रविष्टि को संशोधित  करना है उसको संशोधित  करके मोडीफाई बटन पर क्लिक कर।


उपरोक्तानुसार यदि आपको  अपने  आवदेन पत्र का प्रिन्ट लेना  है तो व्यू  बटन पर क्लिक करें  तथा आवेदन संख्या  या प्रविष्ट करें इसके  उपरांत आपके द्वारा भरा गया आवदेन पत्र प्रदर्शित हो जायेगा , इस आवदेन का प्रिन्ट ले लें।


यदि आपको अपने आवेदन पत्र की स्थिति जाननी हो तो वेबसाइट के होम पेज पर आवेदन पत्र की स्थिति पर क्लिक करें तथा अपनी आवदेन पत्र संख्या टाइप करे, इससे आपके आवेदन पत्र की वर्तमान स्थिति प्रदर्शित हो जायेगी।


आप नमूने का ऑनलाइन आवेदन प्रपत्र और इस ट्यूटोरियल  का पीडीएफ फोर्मैट क्लिक करके देख सकते हैं।

किसी समस्या के आने पर आप यहाँ अपना कमेन्ट करके सहायता प्राप्त कर सकेंगे!
धन्यवाद!

8 टिप्‍पणियां:

  1. मुबारक हो !

    आप भी अब ऑनलाइन घूमते रहो :-)

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  2. हर परिवेश में एक साहित्य की संभावना है, साहित्यकार की दृष्टि चाहिये बस।

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  3. आप एक महान कार्य कर रहे हैं, किसी का भी भला हो जाये। पुण्य बटोरते रहें।

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  4. http://www.scribd.com/doc/75555662 पर Online Inter District Transfer ForM का नमूना उपलब्ध है !

    http://www.scribd.com/doc/75555297 पर Online Inter District Transfer FORM TUTORIAL उपलब्ध है !

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  5. मास्टर जी यहाँ हरियाणा में फेल हो ली यो योजना
    मास्टर की बदली यदि कम्प्युटर कर देगा तो मंत्री जी क्या करेंगें :)

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  6. आदरणीय महोदय
    राजकीय अध्यापक के सम्मुख आयी परेशानियों का संज्ञान लेकर राज्य सरकार उसे अनेक ऐसे अधिकार देने पर राजी हो जाती है जो अन्य राज्य कर्मचारियों को राज्य कर्मचारी आचरण संहिता 1956 के चलते प्राप्त नहीं हो सकते। एक ऐसे ही अधिकार की चर्चा करते हुये उत्तर प्रदेश राज्य के हालिया शासनादेश की ओर ध्यान आकर्षित करना चाहूंगा जिसके अनुसार जनपद स्तरीय कैडर का होने के बावजूद अध्यापको को अपने मनचाहे जनपद में स्थानान्तरण हेतु आवेदन करने की स्वतंत्रता दी गयी है और इस व्यवस्था को पारदर्शी तथा शिक्षकों के लिये उत्पीडन रहित बनाने के लिये आन लाइन आवेदन करने की व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा की गयी हैं।

    राज्य स्तर के उच्च सदन में स्थानीय निकायों तथा शिक्षकों के लिय निर्वाचन के माध्यम से पृथक-पृथक स्थान निर्धारित होते हैं। इस प्रकार प्रबंधकीय विद्यालयों के शिक्षकों के लिये राज्य के उच्च सदन में अपना प्रतिनिधि चुनकर भेजने की स्पष्ट व्यवस्था होने से वह राजनैतिक रूप से अपनी स्वतंत्र राय को व्यक्त करने के लिये स्वतंत्र होता है तथा यथा समय अपनी स्वतंत्र राय के आधार पर अपना प्रतिनिधि चुनने हुये उसे विधान परिषद हेतु भेजता भी हैं परन्तु अन्य राज्य कर्मचारियों के पास निर्वाचन से संबंधित अपनी स्वतंत्र राय को व्यक्त करने का इस प्रकार का कोई प्लेटफार्म उपलब्ध नहीं है।

    उल्टे किसी भी राज्य कर्मचारी को राजनैतिक गतिविधि में संलिप्त होने पर राज्य कर्मचारी आचरण संहिता 1956 के अनुरूप उसे दोषी करार दिया जाता है। प्रबंधकीय विद्यालयों के शिक्षक जो राजकोश से वेतन/भत्ते प्राप्त करते हैं और अन्य राजकीय कर्मचारियों की प्रास्थिति में यह भेद राज्य में उनकी लोकतांत्रिक स्थिति को प्रभावित करता है।
    इस प्रकार अन्य राजकीय कर्मचारियों को जहां राजनैतिक कार्यो में सक्रिय भागीदारी के लिये दण्डित किये जाने की व्यवस्था है वही राजकीय शिक्षकों को अपना शिक्षक प्रतिनिधि चुनकर उच्च सदन में भेजे जाने की लोकतांत्रिक प्रक्रिया निर्धारित है और मेरे विचार में इसके चलते उनकी प्रास्थिति राज्य सरकार के सम्मुख उच्च विचारण की होती है।

    कदाचित राज्य सरकार के अन्य कर्मचारी और अधिकारीगण जो प्रदेश स्तरीय सेवा के सदस्य होते हैं उन्हें भी अपने मनचाहे जनपद में स्थानान्तरण हेतु आवेदन करने की स्वतंत्रता क्यों नहीं देनी चाहिये जबकि लोकतंत्र का चौथा खम्भा लगातार राजकीय कर्मचारियों के स्थानान्तरण को एक उद्योग की श्रेणी में वर्गीकृत करते हुये उसे कर्मचारियों के उत्पीडन का औजार घोषित करने पर उतारू है ??
    यह बात कम से कम मेरी समझ में तो नहीं आती। ...

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  7. मास्टर जी
    नमस्कार
    उपरोक्त पाठ के संदर्भ में स्पष्ट करें :
    १. क्या तीनों विकल्प में एक ही जनपद का नाम लिखा जा सकता है?
    २. क्या हिंदी, पर रोमन लिपि में फार्म भरा जा सकता है?

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं