Every day, every hour .......... It yells



Do Not Hurt Me!
Every day, every hour as the silent screams, yells that do not hurt me.

(कभी इसी चित्र को अपने मूल ब्लॉग "प्राइमरी का मास्टर" में माइक्रो पोस्ट में चिपकाया था |.....शायद वहाँ की पाठक टीपें आपको कुछ और आनंद दें ?)

3 comments

घंटी किसी की भी बजे ,उसे अच्छी नहीं लगती,फिर तो ये 'घंटा-महाशय' हैं !

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वाह!
घुघूती बासूती

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छुट्टी के समय आजादी का उद्घोष करता इस घंटी का स्वर छात्रों और अध्यापकों दोनों के मन को आनन्द से भर देता है।

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